बरेलीः बरेली की एक अदालत ने पीड़ित के भाई के दोषियों के परिवार की एक युवा महिला के साथ कथित रूप से भाग जाने के बाद एक विवाद को लेकर 2019 में एक व्यक्ति की हत्या के लिए एक पिता और बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है ।
अतिरिक्त जिला सरकार के वकील ( ए. डी. जी. सी. ) स्वतंत्र पाठक के अनुसार, विशेष न्यायाधीश ( एस. सी. / एस. टी. अधिनियम ) अभय श्रीवास्तव ने सोमवार को बिठरी चैनपुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामगंगा नगर कॉलोनी के काशीनाथ और उनके बेटे रोहित को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई ।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि क्रांति देवी की शिकायत पर पूर्ववर्ती भारतीय दंड संहिता की धारा 452 ( घर में अतिक्रमण और हत्या ) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया था ।
उसने आरोप लगाया कि उसका भाई सतनाम काशीनाथ के परिवार से संबंधित एक युवा महिला के साथ भाग गया था, जिससे दोनों परिवारों के बीच दुश्मनी हो गई थी ।
9 जुलाई 2019 को काशीनाथ और रोहित कथित तौर पर सुबह लगभग 11 बजे उनके घर में घुस गए और उनके दूसरे भाई कमल ( 28 ) पर हमला कर दिया, जो एक बिस्तर पर चाकू से लेटे हुए थे ।
पाठक ने कहा कि कमल को गंभीर रूप से घायल होने के बाद आरोपी फरार हो गया और उसे मृत मानते हुए परिवार के सदस्य उसे अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया ।
जाँच के बाद पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया । मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाहों से पूछताछ की ।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने काशीनाथ और रोहित को घर में अतिक्रमण और हत्या का दोषी पाया और उन्हें 60,000 रुपये के जुर्माने के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई ।
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