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आध्यात्मिकता संकटग्रस्त लोगों को गले लगाने में निहित हैः केरल के मुख्यमंत्री

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आध्यात्मिकता संकटग्रस्त लोगों को गले लगाने में निहित हैः केरल के मुख्यमंत्री

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this screengrab from a video posted on May 18, 2026, Kerala Chief Minister-designate VD Satheesan takes oath of office during the swearing-in ceremony of the state government, in Thiruvananthapuram. (@IndianNationalCongress/Yt via PTI Photo)(PTI05_18_2026_000054B)

Editorial

तिरुवनंतपुरम केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीसन ने सोमवार को कहा कि सच्ची आध्यात्मिकता उन लोगों को गले लगाने में निहित है जो पीड़ित और संकट में हैं और उन्होंने एक शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण दुनिया के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए यहां शांतिगिरी आश्रम की सराहना की । शांतिगिरी आश्रम के संस्थापक और आध्यात्मिक नेता करुणाकर गुरु के जन्म शताब्दी समारोह के हिस्से के रूप में आयोजित'विश्वशांति संदेश यज्ञम'का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु की शिक्षाओं ने लोगों को आध्यात्मिक रूप से जागरूक होने और आशा के साथ जीने के लिए प्रेरित किया है । सतीशन ने कहा कि उन्हें प्रसिद्ध लेखक ओ. वी. विजयन की पुस्तक " गुरुसागरम " के माध्यम से करुणाकर गुरु के बारे में पता चला, जिसमें आध्यात्मिक नेता को " ज्ञान का सागर " बताया गया था । मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु ने आध्यात्मिक जागरूकता के नए आयाम खोले हैं और जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सेवा और आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करने जैसी धर्मार्थ पहलों के माध्यम से सार्वभौमिक शांति और प्रेम के संदेश का प्रसार किया है । प्रथम और द्वितीय विश्व युद्धों के कारण हुई तबाही और उस समय की व्यापक गरीबी का उल्लेख करते हुए सतीसन ने वर्तमान में दुनिया भर में हो रहे संघर्षों पर चिंता व्यक्त की । उन्होंने कहा कि समाज गुरु के सार्वभौमिक मानवतावाद और प्रेम के संदेश को अपनाकर ही इस तरह के संकटों को दूर कर सकता है और कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा दी जाने वाली संभावनाएं भी उस लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान कर सकती हैं ।

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