नई दिल्ली 3 जुलाई ( पीटीआई ) सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को एक मॉब लिंचिंग मामले में एक गोरक्षक समूह के सदस्यों को सजा सुनाने के अपने फैसले के बाद अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान के खिलाफ कथित धमकियों - अपमानजनक सोशल मीडिया अभियान और धमकी के कृत्यों की निंदा की ।
बार बॉडी ने अपने सचिव प्रज्ञा बघेल द्वारा जारी एक बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ( एस. सी. बी. ए. ) को उम्मीद है कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय और मध्य प्रदेश सरकार इस मामले की त्वरित निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित करें ताकि न्यायिक अधिकारी के खिलाफ धमकी देने या नफरत भड़काने के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की पहचान की जा सके और उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जा सके ।
बार बॉडी ने कहा कि रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि न्यायिक अधिकारी को एक आपराधिक मामले में फैसला सुनाने के बाद धमकियों और ऑनलाइन दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप एक प्राथमिकी दर्ज की गई और उसकी सुरक्षा में वृद्धि हुई ।
जिला न्यायपालिका हमारी न्याय वितरण प्रणाली की नींव है । देश भर के न्यायिक अधिकारी हर दिन हजारों संवेदनशील दीवानी और आपराधिक मामलों का फैसला करते हैं । वे इस आश्वासन के हकदार हैं कि जब भी वे अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे तो कानून उनकी रक्षा करेगा ।
बयान में कहा गया है कि एस. सी. बी. ए. न्यायाधीश के समर्थन में दृढ़ता से खड़ा है और न्यायपालिका की स्वतंत्रता - गरिमा और निष्पक्षता की रक्षा के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराता है ।
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