New Delhi: Booth Level Officers (BLOs) verify voter details during the Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls, in New Delhi, Tuesday, June 30, 2026. (PTI Photo)(PTI06_30_2026_000141B)
Editorial
नई दिल्ली - गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के एक करोड़ 45 लाख से अधिक मतदाताओं को विशेष गहन संशोधन ( एस. आई. आर. ) के तहत गणना प्रपत्र प्रदान किए गए हैं, जबकि अब तक 5 लाख 75 हजार से अधिक पूर्ण प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है ।
9 जुलाई को जारी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार राजधानी के 1,45,10,298 मतदाताओं में से 74.7 प्रतिशत को शामिल करते हुए कुल 1,08,39,896 गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं ।
डिजिटल किए गए प्रपत्रों की संख्या 5,75,478 थी, जो कुल मतदाताओं का 3.97 प्रतिशत है । घर - घर जाकर गणना अभियान 30 जून को शुरू हुआ और 29 जुलाई तक जारी रहेगा ।
अधिकारियों ने कहा है कि प्रारंभिक प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि गणना प्रपत्र प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंचे, जिसके बाद भरे गए प्रपत्रों के संग्रह और डिजिटलीकरण में तेजी आएगी ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ( सी. ई. ओ. ) के आंकड़ों के अनुसार दक्षिण जिले में सबसे अधिक 11,49,953 प्रपत्र वितरित किए गए, इसके बाद पूर्व ( 11,33,009 दक्षिण पूर्व ) में 10,58,999 पश्चिम ( 12,17,852 ) और पूर्वोत्तर ( 13,79,173 ) हैं ।
प्रतिशत के संदर्भ में दक्षिण जिला 85.5 प्रतिशत मतदाताओं के साथ सूची में शीर्ष पर रहा, इसके बाद नई दिल्ली ( 83.47 प्रतिशत ), पश्चिम ( 83.64 प्रतिशत ), पुरानी दिल्ली ( 80.84 प्रतिशत ) और मध्य उत्तर ( 79.65 प्रतिशत ) का स्थान रहा ।
सबसे कम वितरण प्रतिशत दक्षिण पश्चिम में 65.54 प्रतिशत दर्ज किया गया, इसके बाद दक्षिण पूर्व ( 68 प्रतिशत ) पूर्व ( 70.66 प्रतिशत ) और मध्य ( 71.51 प्रतिशत ) का स्थान रहा ।
डिजिटलीकरण के मामले में दक्षिण पश्चिम 85,302 रूपों के साथ आगे है, इसके बाद बाहरी उत्तर ( 81,853 ) पश्चिम ( 68,057 ) दक्षिण ( 51,732 ) और उत्तर पश्चिम ( 47,029 ) हैं ।
प्रतिशत के हिसाब से आउटर नॉर्थ ने 9.83 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक डिजिटलीकरण दर दर्ज की, इसके बाद दक्षिण पश्चिम ( 6.41 प्रतिशत ) मध्य उत्तर ( 5.09 प्रतिशत ) पश्चिम ( 4.67 प्रतिशत ) और नई दिल्ली ( 4.5 प्रतिशत ) का स्थान रहा ।
मध्य जिले में सबसे कम 2.11 प्रतिशत डिजिटलीकरण दर दर्ज की गई, इसके बाद पूर्वी ( 22,21 प्रतिशत ) पुरानी दिल्ली ( 2.27 प्रतिशत ) और पूर्वोत्तर ( 2.38 प्रतिशत ) का स्थान रहा ।
एस. आई. आर. अभ्यास के तहत बूथ स्तर के अधिकारी ( बी. एल. ओ. एस. ) प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां वितरित कर रहे हैं । एक प्रति मतदाता द्वारा पावती के रूप में रखी जाती है जबकि दूसरी को भरने के बाद बीएलओ को प्रस्तुत किया जाता है ।
चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदाता अपने फॉर्म ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं ।
संशोधन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित की जानी है ।
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