Khowai: People wade through a partially submerged area to reach a safer location after heavy rain, at a village in Khowai district, Tripura, Thursday, July 9, 2026. (PTI Photo) (PTI07_09_2026_000207B)
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अगरतलाः 10 जुलाई ( पीटीआई ) पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण त्रिपुरा के तीन जिलों में बाढ़ आ गई, जिससे लगभग 11,000 लोगों को राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा ।
कांग्रेस के बिरजीत सिन्हा ने आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग समय पर स्लुइस गेटों की मरम्मत करने में विफल रहा, जिसके कारण उनाकोटी धलाई और खोवाई जिलों के कई निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई ।
हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है ।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने कहा कि बारिश में कमी के बाद मनून नदी का पानी कम होना शुरू हो गया है ।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के परियोजना निदेशक सनत कुमार दास ने कहा, " उनाकोटी जिले के 6,068 लोगों ने 35 राहत शिविरों में शरण ली है । हालांकि शुक्रवार को नदी का पानी कम होने से बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है ।
उन्होंने कहा कि धलाई और खोवाई जिलों में बाढ़ से प्रभावित 4,909 लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है ।
दास ने कहा, " बुधवार और गुरुवार को भारी बारिश के कारण आई बाढ़ के कारण लगभग 11,000 लोग बेघर हो गए । अभी तक किसी की मौत की सूचना नहीं है, लेकिन 4,027 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं । "
विधायक के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारी ने कहा कि कैलाशहर अनुमंडल में निविदा को अंतिम रूप देने पर विवाद के कारण मनु नदी के पानी को नियंत्रित करने के लिए 19 स्लूस गेटों की समय पर मरम्मत नहीं की जा सकी ।
उन्होंने कहा कि कैलाशहर को बचाने का एकमात्र तरीका स्लुइस गेट और नदी के तटबंधों की तुरंत मरम्मत करना है ।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है ।
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