बिलासपुर ( 10 जुलाई ) हिमाचल प्रदेश मत्स्य विभाग ने जून और जुलाई के दौरान गोविंद सागर जलाशय में विभागीय मत्स्य बीज खेतों में उत्पादित 100 मिमी से अधिक माप के 704,645 गुणवत्ता वाले कार्प बीजों का भंडारण किया है ।
गोविंद सागर राज्य में मछली उत्पादन के प्रमुख स्रोतों में से एक है और मछली संसाधनों और उत्पादन को संरक्षित करने और बढ़ाने के लिए कार्प के बीजों का भंडार किया जाता है ।
विभाग की इस पहल को स्थानीय मछली प्रजातियों के संरक्षण और मछली उत्पादन में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए जलाशय की जैव विविधता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है ।
इस अभियान के तहत 18 जून 2026 को ऊना जिले के डोबरघाट ( गोविंद सागर जलाशय ) में विभागीय मछली बीज फार्म नालागढ़ से 1,50,000 हंगेरियन नस्ल और 1,46,288 आम कार्प बीजों का भंडार किया गया था ।
इसके बाद 4 जुलाई को विभागीय मछली बीज फार्म दयोली ( घाग्स ) से लगभग 202,860 आम कार्प बीजों को जलाशय के मंडी भरारी क्षेत्र में रखा गया और 7 जुलाई को विभागीय मत्स्य बीज फार्म अलसु ( मंडी ) से लगभग 205,497 अमूर कार्प बीजों का भंडार जलाशय के नाकराणा क्षेत्र में किया गया ।
मत्स्य पालन विभाग के सहायक निदेशक बिलासपुर पंकज ठाकुर इन सभी कार्यक्रमों में पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित थे ।
हिमाचल प्रदेश के मत्स्यपालन निदेशक विवेक चंदेल ने कहा कि विभाग नियमित रूप से स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल गुणवत्तापूर्ण कार्प बीजों का भंडारण कर रहा है जो विभागीय मछली फार्मों में तैयार किए जाते हैं ।
ठाकुर ने कहा कि मत्स्य पालन विभाग राज्य के जल निकायों में स्थानीय और गुणवत्तापूर्ण मछली के बीजों का नियमित भंडारण सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा ताकि मछली उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो । जैव विविधता के संरक्षण को मजबूत किया जा सके और मत्स्य व्यवसाय से जुड़े मछुआरों और मछली किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके ।
Get Swadesi News in your inbox
Top stories, mandi prices, weather alerts — once a day, in your language. Free, no spam.