कोलकाताः 9 जुलाई ( पीटीआई ) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हावड़ा शहर में सदी पुरानी मंगलहाट के फेरीवालों को सड़क और फुटपाथ स्थान बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस कार्रवाई से कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया ।
पुलिस द्वारा अति कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हावड़ा हॉकर्स समिति ने पुलिस को उन्हें बेदखल करने और उनके व्यवसायों में हस्तक्षेप करने से रोकने के आदेश के लिए प्रार्थना की ।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने बुधवार को पुलिस पर प्रतिबंध लगाने वाले किसी भी अंतरिम आदेश से इनकार करते हुए कहा कि फेरीवालों का संगठन सड़कों और फुटपाथ को अवरुद्ध करते हुए माल बेचकर आजीविका अर्जित करने के अपने अधिकार के बारे में अदालत को प्रथम दृष्टया संतुष्ट नहीं कर सका ।
अदालत ने कहा कि इस मुद्दे पर शपथ पत्रों के आदान - प्रदान पर विचार करने की आवश्यकता है और प्रतिवादी अधिकारियों को अगले दो हफ्तों के भीतर याचिकाकर्ता के तर्क के खिलाफ अपने शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया ।
याचिकाकर्ता को अगले सप्ताह के भीतर उनके जवाब में अपना हलफनामा दायर करने की स्वतंत्रता होगी - न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने निर्देश दिया ।
याचिकाकर्ता के वकील विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा कि बाजार पर कुछ प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, लेकिन फेरीवाले वेंडिंग अधिनियम को देखते हुए फेरीवालों को पूरी तरह से बेदखल नहीं किया जा सकता है ।
उन्होंने कहा कि हावड़ा शहर के मध्य जिले में शताब्दी पुराना बाजार सप्ताह में दो बार सड़कों पर होता है ।
यह कहते हुए कि फेरीवाले द्वारा आजीविका कमाना एक मौलिक अधिकार है, उन्होंने कहा कि हावड़ा नगर निगम ( एच. एम. सी. ) के अधिकारियों ने फेरीवालों को बेदखल करने के लिए कोई नोटिस नहीं दिया था ।
राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए वकील सूर्यनील दास ने कहा कि सड़कों को साफ रखना पुलिस का कर्तव्य है ।
उन्होंने कहा कि बाजार सड़कों को अवरुद्ध करता है और यातायात जाम पैदा करता है ।
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