ईटानगर 9 जुलाई ( पी. टी. आई. ) अरुणाचल प्रदेश के छह जिलों में ताजा बाढ़ और भूस्खलन की सूचना मिलने से घरों की सड़कें और फसलें क्षतिग्रस्त हो गईं ।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ( एस. ई. ओ. सी. ) ने आज शाम एक बयान में कहा कि पिछले 24 घंटों में केई पान्योर अपर सियांग तिराप चांगलांग पापुम पारे और अपर सुबनसिरी में ताजा घटनाएं सामने आई हैं ।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ( आई. एम. डी. ) ने गुरुवार को शी योमी सियांग पूर्वी सियांग निचली दिबांग घाटी लोहित और लोंगडिंग जिलों के लिए'नारंगी'चेतावनी जारी की है, जिसमें गरज के साथ भारी से बहुत भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है ।
उस दिन केवल पापुम पारे निचली दिबांग घाटी और तिरप जिलों के लिए'नारंगी'चेतावनी जारी करने के साथ शुक्रवार से बारिश में कमी आने की उम्मीद है ।
आई. एम. डी. ने कहा कि सप्ताहांत में मौसम में और सुधार होने की संभावना है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में शनिवार तक चेतावनी से मुक्त रहने की उम्मीद है ।
हालांकि पूर्वी और तलहटी के जिलों में गरज के साथ बारिश के लिए सोमवार तक'येलो'अलर्ट रहने की संभावना है ।
पिछले 24 घंटों में प्रभावित बस्तियों में ऊपरी सियांग खोंसा शहर का यिंगकियोंग गांव और तिराप फांगटिप के पुराने जुकी यानमान के खेती गांव, बुबांग - जोंगजी हवी सोंगको थमियांग नामटोक मुख्यालय नोइटोंग चग्रा और चांगलांग गेराम गोया के फुंगसा गांव, होजी - इ होजी - II खील लैंगपेक मेप्सोरो टेचिर तोरू और पापुम पारे के यायी - I गांव और एरु निंगपिन दारू उली सेगी डेबोम बुई लिडा बुलो नगुकी और ऊपरी सुबनसिरी के रिड्डी गांव शामिल हैं ।
हाल ही में हुई बारिश से उत्पन्न बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे अरुणाचल प्रदेश में तबाही मचाई है और राज्य में छह लोगों की जान चली गई है ।
बुधवार को लोहित जिले में एक निर्माण स्थल पर बारिश के कारण हुए भूस्खलन में बिहार के दो मजदूरों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए ।
की पान्योर में 24 जून को अचानक आई बाढ़ में दो महिलाएं बह गईं और लगातार खोज प्रयासों के बावजूद उनका पता नहीं चल सका । इससे पहले 28 जून को अंजाव जिले के सारती गांव में भूस्खलन में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि की पन्योर जिले के पोसा में आकस्मिक बाढ़ में तीन अन्य लोगों की मौत हुई थी ।
बयान में कहा गया है कि हाल ही में बारिश से उत्पन्न बाढ़ और भूस्खलन में 26 जिलों में फैले 237 वृत्तों के 333 गांवों में कम से कम 94,201 लोग प्रभावित हुए हैं ।
बाढ़ और भूस्खलन ने कृषि और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचाया है ।
कुल 334.2 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें 185.5 हेक्टेयर बागवानी के तहत और 148.7 हेक्टेयर कृषि के तहत है, जबकि 1,010 हेक्टेयर वन क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है ।
बुनियादी ढांचे के नुकसान में 131 सड़कों, 19 पुलों, 21 पुलियों, 191 जलापूर्ति प्रणालियों, 58 सरकारी भवनों, 21 बिजली की तारों, 224 बिजली के खंभों, चार पनबिजली परियोजनाओं, सात रखरखाव दीवारों, सात बाढ़ सुरक्षा दीवारों, दो अस्पतालों और तीन स्कूलों के अलावा जल निकासी नेटवर्क और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है । राज्य भर में सैकड़ों घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं ।
केई पान्योर में दो राहत शिविरों का संचालन जारी है, जहां वर्तमान में 252 लोग शरण ले रहे हैं । प्रभावित जिलों में बचाव और राहत अभियान जारी है ।
Get Swadesi News in your inbox
Top stories, mandi prices, weather alerts — once a day, in your language. Free, no spam.