चंडीगढ़ 9 जुलाई ( पीटीआई ) हरियाणा ने अपने यमुना कायाकल्प कार्यक्रम के हिस्से के रूप में 42.35 करोड़ लीटर प्रति दिन की क्षमता वाले सीवेज उपचार संयंत्रों सहित प्रमुख प्रदूषण - नियंत्रण परियोजनाओं की योजना बनाई है ।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने परियोजनाओं की समीक्षा की और विभागों को कार्यान्वयन में तेजी लाने और बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया ।
अधिकारियों ने कहा कि राज्य ने 828.88 करोड़ रुपये की लागत वाले 10 सीवेज उपचार संयंत्रों और 156.5 एमएलडी की संयुक्त क्षमता वाले नौ सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्रों ( सीईटीपी ) की योजना बनाई है ।
30 एमएलडी की क्षमता वाले दो सीईटीपी पहले से ही निर्माणाधीन हैं ।
पानीपत के माटलाउदा और गुरुग्राम के बजघेरा में दो सीवेज उपचार संयंत्र पूरा होने के करीब हैं और इनके क्रमशः जुलाई के अंत और अगस्त के अंत तक चालू होने की उम्मीद है ।
सरकार जैविक अपशिष्ट को स्वच्छ ऊर्जा में बदलने के लिए कई जिलों में प्रतिदिन 1,455 टन की कुल प्रसंस्करण क्षमता वाले नौ बायोगैस संयंत्रों की भी योजना बना रही है ।
रस्तोगी ने यमुना के पारिस्थितिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए विभागों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया ।
Get Swadesi News in your inbox
Top stories, mandi prices, weather alerts — once a day, in your language. Free, no spam.