लेह 10 जून ( पीटीआई ) लद्दाख में एक बड़ी मादक पदार्थ विरोधी कार्रवाई ने नशीली दवाओं के सेवन और तस्करी दोनों में किशोरों और कम उम्र की लड़कियों सहित स्थानीय युवाओं की खतरनाक संलिप्तता का खुलासा किया है, जिससे अधिकारियों के बीच गंभीर चिंता पैदा हुई है ।
लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए हाल ही में गठित एंटी - नार्कोटिक्स टास्क फोर्स ( ए. एन. टी. एफ. एफ. ) ने अपने अभियान के पहले सप्ताह के भीतर कई नशीली दवाओं के उपभोक्ताओं और विक्रेताओं को गिरफ्तार किया है और डेढ़ किलोग्राम चरस जब्त की है ।
उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में लद्दाख में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के 298 नए मामलों के मद्देनजर यह विकास अधिक महत्वपूर्ण है ।
अधिकारियों ने कहा कि लक्षित अभियानों के माध्यम से कार्य बल ने नशीली दवाओं के सेवन में किशोरों और लड़कियों सहित स्थानीय युवाओं की खतरनाक भागीदारी का पता लगाया है, जो नशीली दवाओं के विक्रेताओं के रूप में भी दोगुने हो रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि जांच से पता चला है कि कई युवा उपभोक्ता अपनी लत के वित्तपोषण के लिए विक्रेताओं के रूप में भी काम कर रहे हैं ।
अधिकारियों ने कहा कि किशोरों और कम उम्र की लड़कियों सहित युवाओं की भागीदारी गंभीर चिंता के विषय के रूप में उभरी है, जो जागरूकता अभियानों - निवारक हस्तक्षेपों और सामुदायिक भागीदारी को तेज करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है ।
उन्होंने कहा कि नवगठित ए. एन. टी. एफ. की त्वरित कार्रवाई खुफिया नेतृत्व वाले अभियानों और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से क्षेत्र में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी के बढ़ते खतरे का मुकाबला करने के लिए उपराज्यपाल की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है ।
अधिकारियों ने कहा कि जांच ने अंतर - राज्यीय संपर्कों की ओर भी इशारा किया है, जिससे पता चलता है कि आपूर्ति श्रृंखला लद्दाख से आगे भी फैली हुई है ।
अधिकारियों ने कहा कि अंतःशिरा दवा के उपयोग के उदाहरणों ने संचारी रोगों के संभावित जोखिम को उजागर किया है जो इस मुद्दे को न केवल कानून - व्यवस्था की चिंता बनाता है, बल्कि एक सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती भी बनाता है ।
धार्मिक संगठनों - नागरिक समाज समूहों और अन्य हितधारकों के साथ अपनी हालिया बातचीत के दौरान उपराज्यपाल ने नशीली दवाओं के विक्रेताओं और उपयोगकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था और क्षेत्र में संचालित मादक पदार्थों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला को समाप्त करने का आह्वान किया था ।
लद्दाख प्रशासन ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग और मादक पदार्थों की तस्करी के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई है । ए. एन. टी. एफ. की शुरुआती सफलता मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला की पहचान करने और उसे समाप्त करने और हमारे युवाओं को इस खतरे से बचाने के हमारे संकल्प को दर्शाती है ।
सक्सेना ने कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग समाज के सामाजिक ताने - बाने के लिए एक गंभीर खतरा है और हम तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना जारी रखेंगे और साथ ही जागरूकता, रोकथाम और पुनर्वास प्रयासों को मजबूत करेंगे । हमारा उद्देश्य एक सुरक्षित स्वस्थ और नशीली दवाओं से मुक्त लद्दाख सुनिश्चित करना है ।
उपराज्यपाल ने नागरिकों के माता - पिता, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक नेताओं और नागरिक समाज संगठनों से भी अपील की कि वे जागरूकता पैदा करके और कमजोर युवाओं को मादक पदार्थों से दूर रहने में मदद करके केंद्र शासित प्रदेश स्तर के नशा मुक्त भारत अभियान ( एन. एम. बी. ए. ) का सक्रिय रूप से समर्थन करें ।
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