तिरुवनंतपुरम - 15 जुलाई ( पीटीआई ) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीसन ने बुधवार को कहा कि यह जांच एजेंसियों को तय करना है न कि उन्हें यह तय करना है कि कोविड - 19 महामारी के दौरान पिछली एलडीएफ सरकार के'ब्रेक द चेन'अभियान में कथित प्रक्रियात्मक और वित्तीय अनियमितताओं पर कोई कार्रवाई की गई थी या नहीं ।
वित्त निरीक्षण विभाग के निष्कर्षों और केरल सामाजिक सुरक्षा मिशन के कार्यकारी निदेशक डॉ. मोहम्मद आशिल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए इसकी रिपोर्ट की गई सिफारिशों के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी आरोपों की जांच की जाएगी ।
जब संवाददाताओं से पूछा गया कि क्या इस संबंध में वरिष्ठ सी. पी. आई. एम. नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के. के. शैलजा के खिलाफ जांच होगी, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के निर्णय लेना उनके लिए नहीं है ।
सतीसन ने यहां मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, " क्या मैं यहां बैठ कर कह सकता हूं कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री की भी जांच होनी चाहिए ।
उन्होंने कहा कि पुलिस शिकायतों की जांच करेगी और यह निर्धारित करेगी कि क्या कोई भ्रष्टाचार या अन्य अनियमितताएं हुई थीं - कौन शामिल था और क्या कोई प्रक्रियात्मक चूक हुई थी ।
उन्होंने कहा, " जांच एजेंसियों को यह जांच करने दें कि क्या भ्रष्टाचार हुआ था - क्या कुछ अनुचित हुआ था - कौन जिम्मेदार था और क्या प्रक्रियात्मक खामियां थीं । मुझे उस मामले पर निर्णय लेने के लिए न कहें जिसकी जांच की जा रही है । "
उनकी टिप्पणी कोविड - 19 महामारी के दौरान केरल सामाजिक सुरक्षा मिशन के तहत लागू'ब्रेक द चेन'अभियान में कथित प्रमुख प्रक्रियात्मक और वित्तीय उल्लंघन पर वित्त निरीक्षण विभाग के निष्कर्षों पर रिपोर्टों के बीच आई है ।
इस अभियान ने तत्कालीन एल. डी. एफ. सरकार के लिए विशेष रूप से शैलजा के लिए व्यापक प्रशंसा हासिल की थी, जिन्होंने हाल ही में इसके कार्यान्वयन का बचाव करते हुए कहा था कि सभी गतिविधियों को महामारी के दौरान लोगों की सुरक्षा के लिए सरकारी निर्देशों के तहत किया गया था ।
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