नई दिल्ली 17 जुलाई ( पीटीआई ) महरौली में कथित पुलिस हिरासत के बाद एक 21 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जिसके बाद उसके परिवार ने कर्मियों पर हिरासत में हमले का आरोप लगाया, जिसे पुलिस ने प्राकृतिक या पुरानी बीमारी के कारण मौत का कारण बताने से इनकार किया ।
हालांकि एक वरिष्ठ अधिकारी ने अब आरोपों की जांच के लिए सतर्कता जांच का आदेश दिया है ।
परिवार के अनुसार महरौली पुलिस ने आसिफ और उसके भाई को 14 जुलाई को छतरपुर पहाड़ी में उनके घर से उठाया और उन्हें पुलिस स्टेशन ले गई ।
परिवार ने दावा किया कि आसिफ पुलिस स्टेशन से घर लौटने पर होश खो बैठे और उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया ।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आरोपों को " आधारहीन " बताते हुए खारिज कर दिया ।
अधिकारी ने कहा कि यह इलाका पहले नशीली दवाओं की तस्करी और मादक पदार्थों के दुरुपयोग के लिए कुख्यात था, लेकिन निरंतर पुलिस कार्रवाई ने क्षेत्र से नशीली दवाओं के आदी और तस्करों को पूरी तरह से हटा दिया था ।
अधिकारी ने कहा कि चिकित्सा - कानूनी मामले ( एम. एल. सी. ) में कोई गड़बड़ी का संकेत नहीं दिया गया था, जिसमें आसिफ के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं दिखाई दी थी ।
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