रायपुर 10 जुलाई ( पीटीआई ) छत्तीसगढ़ के बालोदाबाजार वन विभाग के बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में दो अलग - अलग घटनाओं में तीन चित्तीदार हिरणों की मौत हो गई ।
उन्होंने बताया कि 7 जुलाई को रामपुर के घास के मैदान में बरनावपारा वन श्रृंखला के पक्रिड बीट के नीचे एक नियमित वन गश्ती के दौरान दो नर चीतल ( धब्बेदार हिरण ) मृत पाए गए थे, जबकि दूसरे का शव अगले दिन उसी क्षेत्र में मिला था ।
कासडोल के सरकारी पशु चिकित्सा अस्पताल में पशु चिकित्सकों द्वारा दो नर हिरणों का पोस्टमार्टम किया गया था ।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि दोनों जानवरों की गर्दन पर चोट के निशान हैं जो इंगित करते हैं कि उनकी अंतर्कलह के दौरान मृत्यु हो गई होगी ।
गणवीर ने कहा, " पोस्टमार्टम के दौरान उनके शरीर के अन्य हिस्सों पर किसी भी मांसाहारी जंगली जानवर द्वारा हमले के कोई संकेत नहीं मिले । हालांकि उनकी गर्दन के चारों ओर खून के धब्बे देखे गए थे - पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद ही मौत के सही कारण की पुष्टि होगी । प्रथम दृष्टया यह एक प्राकृतिक घटना प्रतीत होती है । "
उन्होंने कहा कि 8 जुलाई को एक गश्ती दल के दौरान उसी घास के मैदान में एक और चीतल मृत पाया गया था ।
डी. एफ. ओ. ने कहा कि शव के निरीक्षण से एक जंगली शिकारी के हमले के कारण उसकी गर्दन पर चोट के स्पष्ट निशान मिले ।
उन्होंने अवैध शिकार की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि सींगों और छिपकलों सहित शरीर के सभी अंग मौके पर बरकरार पाए गए ।
गणवीर ने कहा कि वन्यजीव आंदोलन की निगरानी के लिए 8 जुलाई की शाम को क्षेत्र में एक ट्रैप कैमरा लगाया गया था और वन विभाग जानवरों के प्राकृतिक आवास को बाधित किए बिना कड़ी नजर रख रहा है ।
वन अधिकारी और कर्मचारी वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए अभयारण्य में नियमित रूप से गश्त करते हैं ।
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