हैदराबादः तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को कहा कि सरकार कालेश्वरम परियोजना के बैराजों की मरम्मत पर राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण ( एन. डी. एस. ए. ) के सुझावों का पालन करेगी और वह विपक्षी बी. आर. एस. की मांगों को नहीं मानेगी ।
उन्होंने अपनी सरकार के खिलाफ बी. आर. एस. नेताओं की आलोचना पर आपत्ति जताई कि वह वर्तमान सूखे के दौरान कालेश्वरम परियोजना के कन्नेपल्ली पंप हाउस से पानी उपलब्ध कराने के बावजूद किसानों को पानी प्रदान नहीं कर रही है ।
रेड्डी ने कहा कि बी. आर. एस. शासन के दौरान निर्मित कालेश्वरम परियोजना को हुए नुकसान पर एन. डी. एस. ए. की रिपोर्ट ने मेडीगड्डा ( जहां कन्नेपल्ली पंप हाउस स्थित है ) में परियोजना के तीन बैराजों में पानी संग्रहीत करने के खिलाफ सलाह दी ।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में तीन बैराजों के पुनर्वास का भी सुझाव दिया गया है ।
एन. डी. एस. ए. ने यह भी सिफारिश की कि बैराजों के पुनर्वास के लिए डिजाइन कार्य और मरम्मत को केंद्रीय जल आयोग ( सी. डब्ल्यू. सी. ) या एन. डी । एस. डी. ए. की मंजूरी के साथ निष्पादित किया जाना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एन. डी. एस. ए. की सिफारिशों के अनुसार बैराजों को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रही है ।
उन्होंने कहा कि कन्नेपल्ली पंप हाउस से पानी तभी उठाया जा सकता है जब पांच टी. एम. सी. पानी का भंडारण किया जाए ( जो एन. डी. एस. ए. के सुझावों के खिलाफ है ) ।
रेड्डी ने आगे कहा कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने हाल ही में कालेश्वरम परियोजना बैराजों के पुनर्वास उपायों की निगरानी के लिए विशेषज्ञों और अधिकारियों की एक समिति का गठन किया है ।
बीआरएस पर निशाना साधते हुए उन्होंने पूछा कि क्या राज्य सरकार को एन. डी. एस. ए. की सिफारिशों का पालन करना चाहिए या बी. आर. एस. की मांगों का ।
उन्होंने जोर देकर कहा कि " राज्य सरकार एन. डी. एस. ए. की सिफारिशों के अनुसार काम करेगी और बी. आर. एस. के दबाव में नहीं आएगी ।
भाजपा सांसद एटाला राजेंद्र की कन्नेपल्ली पंप हाउस से पानी उठाने की मांग को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि अगर राजेंद्र एन. डी. एस. ए. और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय पर कन्नेपल्ली पम्प हाउस से पानी लेने का दबाव डालते हैं तो राज्य सरकार को कोई आपत्ति नहीं होगी ।
रेड्डी ने यह भी कहा कि चालू मानसून के मौसम के दौरान अपर्याप्त वर्षा को देखते हुए सरकार किसानों को सूखी भूमि की फसलें लेने का सुझाव दे रही है ।
कालेश्वरम भूपालपल्ली जिले में गोदावरी नदी पर एक बहुउद्देशीय परियोजना है ।
पिछले बी. आर. एस. शासन के दौरान बनाई गई परियोजना के बैराजों को नुकसान 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान एक बड़ा मुद्दा था ।
Get Swadesi News in your inbox
Top stories, mandi prices, weather alerts — once a day, in your language. Free, no spam.