Palghar: People wade through knee-deep water on a road amid rain, at Nalasopara in Palghar, Maharashtra, Tuesday, July 7, 2026. (PTI Photo)(PTI07_07_2026_000327B)
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छत्रपति संभाजीनगर 7 जुलाई ( पीटीआई ) महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के आठ जिलों में बुवाई क्षेत्र में मानसून की देरी से शुरुआत के कारण पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 17.87 लाख हेक्टेयर की कमी आई है ।
छत्रपति संभाजीनगर जालना बीड परभणी नांदेड़ हिंगोली धाराशिव और लातूर जिलों वाले क्षेत्र में कुल बुवाई प्रतिशत लगभग 58 प्रतिशत है ।
कृषि विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में खेती के तहत औसत भूमि 49.72 लाख हेक्टेयर थी । 2025 में 42.42 लाख हेक्टेयर पर बुवाई हुई ।
अधिकारी ने कहा कि मानसून में देरी के कारण महाराष्ट्र के कृषि विभाग ने शुरू में किसानों से तब तक बुवाई नहीं करने की अपील की थी जब तक कि संतोषजनक बारिश न हो । कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र के विपरीत मराठवाड़ा क्षेत्र में इस साल अभी तक औसत बारिश नहीं हुई है ।
जबकि जून के बाद से मराठवाड़ा में औसत अपेक्षित वर्षा 176 मिमी है, वर्तमान घाटा 13 प्रतिशत 153.7 मिमी है । छत्रपति संभाजीनगर और जालना में क्रमशः 100.4 मिमी और 112.5 मिमी के अपेक्षित आंकड़ों से अधिक वर्षा हुई है ।
औसत वर्षा का क्रमशः 66 और 66.3 प्रतिशत, लातूर और परभणी जिलों में इस क्षेत्र में सबसे कम वर्षा हुई है ।
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