**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on July 5, 2026, Bihar Chief Minister Samrat Choudhary during an inspection at All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), in Patna. (@samrat4bjp/X via PTI Photo)(PTI07_05_2026_000372B)
AIIMS), in Patna. (@samrat4bjp via PTI Photo
पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को दरभंगा में मिथिला संस्कृत अनुसंधान संस्थान और ब्रिटेन स्थित ऑक्सफोर्ड संस्कृत टेक्स्ट सोसाइटी के बीच प्रस्तावित संस्थागत सहयोग का स्वागत किया ।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा से एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ था ।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि ऑक्सफोर्ड संस्कृत टेक्स्ट सोसाइटी के संस्थापक - अध्यक्ष प्रो. दिवाकर आचार्य ने दरभंगा स्थित संस्थान के साथ औपचारिक रूप से संस्थागत सहयोग का प्रस्ताव रखा ।
सी. एम. ओ. द्वारा जारी एक बयान के अनुसार इस सहयोग से संस्थान में रखी गई हजारों दुर्लभ संस्कृत पांडुलिपियों के संरक्षण और अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान और प्रकाशन के लिए वैज्ञानिक सूचीकरण की सुविधा होगी ।
चौधरी ने समझौता ज्ञापन को वैश्विक मंच पर बिहार की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को प्रदर्शित करने का एक ऐतिहासिक अवसर बताया ।
उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान भारतम मिशन को मजबूत करेगी और राज्य को भारत की ज्ञान परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी ।
तत्कालीन मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने जनवरी 2025 में अपनी प्रगति यात्रा के दौरान संस्थान के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण की घोषणा की थी । इसके बाद राज्य मंत्रिमंडल ने फरवरी 2025 में नए भवनों - परिसर विकास और पांडुलिपि संरक्षण के लिए लगभग 57 करोड़ रुपये की मंजूरी दी ।
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