लखनऊः 17 जुलाई ( पीटीआई ) राम मंदिर में दान के कथित गबन की जांच कर रहा विशेष जांच दल ( एसआईटी ) शीर्ष अदालत के निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को उच्चतम न्यायालय को एक अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकता है ।
सूत्रों ने आगे कहा कि एसआईटी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा प्राप्त दान से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच को अंतिम रूप देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से और समय मांग सकती है ।
यह घटनाक्रम उच्चतम न्यायालय द्वारा कथित दान गबन की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए एस. आई. टी. को अपनी जांच पर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश देने के कुछ दिनों बाद आया है ।
लखनऊ के संभागीय आयुक्त विजय विश्वास पंत की पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और विशेष सचिव ( वित्त ) नील रतन की तीन सदस्यीय एस. आई. टी. का गठन उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को किया था ।
शुरू में जांच पूरी करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था, लेकिन बाद में इसका कार्यकाल और 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया ।
एस. आई. टी. द्वारा 23 जून को राज्य सरकार को सौंपी गई नौ पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट ने कई कार्रवाई शुरू कर दी, जिसमें एक प्राथमिकी दर्ज करना, आठ अभियुक्तों की गिरफ्तारी, मंदिर के दान से कथित रूप से गबन की गई नकदी की बरामदगी और ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा शामिल है ।
अंतिम रिपोर्ट में मंदिर के प्रशासन और दान - गणना प्रणाली में सुधारों की सिफारिश करने की उम्मीद है, जिसमें न्यास की बैठक 22 जुलाई को अयोध्या में होने वाली है, जिसमें निष्कर्षों और संभावित सुधारात्मक उपायों पर चर्चा की जाएगी ।
सुप्रीम कोर्ट अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच, फॉरेंसिक ऑडिट और ट्रस्ट के वित्त का नियंत्रक और महालेखा परीक्षक ( सीएजी ) ऑडिट की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है ।
याचिकाकर्ताओं ने इस बात पर भी सवाल उठाया है कि जिस तरह से एस. आई. टी. ने प्राथमिकी दर्ज करने से पहले अपनी जांच शुरू की और कथित गबन की समयबद्ध जांच की मांग की ।
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