महाराष्ट्र के मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने शुक्रवार को अपने विभाग के अधिकारियों को'मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना'के प्रभावी कार्यान्वयन और योजना की पहुंच में सुधार के लिए एक कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया ।
मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास के उद्देश्य से'मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना'2025 में शुरू की गई थी ।
यहां एक राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राणे ने कहा कि इस योजना को मछुआरा समुदाय से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और उन्होंने व्यवस्थित कार्यान्वयन के माध्यम से इसकी पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया ।
उन्होंने क्षेत्रीय उपायुक्तों और मत्स्य विभाग के सहायक आयुक्तों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करने और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में मदद करने के लिए तालुका स्तर पर हर सप्ताह विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया ।
मंत्री ने अधिकारियों को प्रगति की निगरानी करने और योजना की पहुंच में सुधार के लिए कार्य योजना तैयार करने के लिए नियमित रूप से संभागीय समीक्षा बैठकें आयोजित करने के लिए भी कहा ।
उन्होंने अधिकारियों को मुंबई मंडल के वसई और नागपुर मंडल के गढ़चिरौली में प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना में तेजी लाने का निर्देश दिया ।
मंत्री ने इस योजना के तहत अति - गहन खारे पानी की झींगा खेती परियोजना के कार्यान्वयन की समीक्षा की ।
राणे ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया ( एस. ओ. पी. ) और मॉडल विस्तृत परियोजना रिपोर्ट ( डी. पी. आर. ) पहले ही संबंधित विभागों को वितरित की जा चुकी हैं और अधिकारियों को परियोजना के तहत प्राप्त प्रस्तावों को बिना किसी देरी के संसाधित करने का निर्देश दिया है ।
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