Dehradun: Badrinath-Kedarnath Temple Committee (BKTC) Chairman Hemant Dwivedi, centre, addresses a press conference regarding the alleged Badrinath offering theft case, in Dehradun, Uttarakhand, Wednesday, July 15, 2026. (PTI Photo)(PTI07_15_2026_000203B)
PTI Photo / -
गोपेश्वर 16 जुलाई ( पीटीआई ) उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर में प्रसाद की कथित चोरी की जांच के लिए श्री बद्रीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति ( बी. के. टी. सी. ) द्वारा गठित एक जांच समिति ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की ।
बी. के. टी. सी. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रंगड ने पुष्टि की कि चार सदस्यीय दल ने अपनी 18 पन्नों की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की है जो मंदिर प्रसाद की चोरी को रोकने के लिए कई सुझाव देती है ।
इनमें गिनती प्रक्रिया के दौरान एक ड्रेस कोड लागू करना, खुले क्षेत्रों और गिनती केंद्र में नए सीसीटीवी कैमरे लगाना, निगरानी प्रणाली को अधिक मजबूत और जवाबदेह बनाना और गिनती प्रक्रिया में भक्तों को शामिल करने के लिए एक प्रक्रिया स्थापित करना शामिल है ।
2 जुलाई को सोशल मीडिया पर मंदिर प्रसाद के दुरुपयोग के आरोप सामने आने के बाद बी. के. टी. सी. ने समिति का गठन किया ।
समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर बी. के. टी. सी. अध्यक्ष के कार्यालय में निजी सहायक के रूप में तैनात प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया था । इसके बाद नौटियाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया जिसे 13 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था ।
मंदिर के खजानेदार संदेश मेहता का भी स्थानांतरण तब किया गया है जब रजिस्टर में मंदिर में किए गए प्रसादों को दर्ज करते हुए अधिलेखन के उदाहरण पाए गए थे ।
इस बीच मामले की जांच कर रहा एक विशेष जांच दल ( एस. आई. टी. ) नौटियाल के अलावा अन्य लोगों के मामले में शामिल होने की संभावना की जाँच कर रहा है ।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि चमोली के डीएसपी मदन सिंह की अध्यक्षता वाली एसआईटी सीसीटीवी कैमरों में दर्ज नौटियाल की पिछली संदिग्ध गतिविधियों के फुटेज का विश्लेषण कर रही है ।
सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने पहले हटाए गए सीसीटीवी फुटेज को बरामद करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल के आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति द्वारा मामले की जांच भी चल रही है ।
Get Swadesi News in your inbox
Top stories, mandi prices, weather alerts — once a day, in your language. Free, no spam.