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दिल्ली के 1 करोड़ 45 लाख मतदाताओं में से 60% से अधिक ने एस. आई. आर. प्रपत्र प्रदान किए ।

PTI3 min read
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नई दिल्ली 7 जुलाई ( पी. टी. आई. ) दिल्ली के 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 60 प्रतिशत से अधिक को मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन के तहत गणना प्रपत्र प्रदान किए गए हैं, जबकि 3.56 लाख से अधिक भरे गए प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया गया है । मंगलवार को जारी संचयी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार राजधानी के 1,45,10,298 मतदाताओं में से 60.8 प्रतिशत को शामिल करते हुए 88,22,402 गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं । डिजिटल किए गए प्रपत्रों की संख्या 3,56,425 थी जो कुल मतदाताओं का 2.46 प्रतिशत है । घर - घर जाकर गणना अभियान 30 जून को शुरू हुआ और 29 जुलाई तक जारी रहेगा । अधिकारियों ने कहा है कि प्रारंभिक प्राथमिकता सभी पात्र मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित करना है, जिसके बाद भरे गए प्रपत्रों के संग्रह और डिजिटलीकरण में तेजी आएगी । दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ( सी. ई. ओ. ) के कार्यालय के अनुसार पश्चिम जिले में सबसे अधिक 9,94,872 प्रपत्र वितरित किए गए हैं, इसके बाद दक्षिण में 9,19,849 पूर्व ( 9,41,182 पूर्व ) उत्तर पश्चिम ( 8,36,554 ) और दक्षिण पूर्व में ( 7,70,449 ) प्रपत्र दिए गए हैं । प्रतिशत के संदर्भ में नई दिल्ली जिला 74.12 प्रतिशत मतदाताओं के साथ सूची में शीर्ष पर है, इसके बाद पुरानी दिल्ली ( 69.79 प्रतिशत दक्षिण ( 68.39 प्रतिशत पश्चिम ) और उत्तर पश्चिम ( 65.50 प्रतिशत ) का स्थान है । सबसे कम वितरण प्रतिशत दक्षिण पूर्व में 49.47 प्रतिशत दर्ज किया गया, इसके बाद दक्षिण पश्चिम ( 52.57 प्रतिशत ) मध्य ( 53.83 प्रतिशत ) और बाहरी उत्तर ( 56.96 प्रतिशत ) रहा । डिजिटलीकरण के मामले में दक्षिण पश्चिम 55,936 रूपों के साथ आगे है, इसके बाद बाहरी उत्तर ( 50,993 पश्चिम ) ( 43,821 पुरानी दिल्ली ( 83,35 दक्षिण ) ( 32,923 ) और उत्तर पश्चिम ( 26,737 ) हैं । प्रतिशत के हिसाब से आउटर नॉर्थ ने सबसे अधिक 6.13 प्रतिशत डिजिटलीकरण दर दर्ज की, इसके बाद दक्षिण पश्चिम ( 4,21 प्रतिशत ) मध्य उत्तर ( 3,21 प्रतिशत ) पश्चिम ( 3.01 प्रतिशत ) और नई दिल्ली ( 2.60 प्रतिशत ) का स्थान रहा । मध्य और पूर्वी जिलों में सबसे कम डिजिटलीकरण दर क्रमशः 1.33 प्रतिशत और 1.34 प्रतिशत दर्ज की गई, इसके बाद पुरानी दिल्ली ( 1.40 प्रतिशत ) और पूर्वोत्तर ( 1.42 प्रतिशत ) का स्थान रहा । एस. आई. आर. अभ्यास के तहत बूथ स्तर के अधिकारी ( बी. एल. ओ. एस. ) प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां वितरित कर रहे हैं । एक प्रति मतदाता द्वारा पावती के रूप में रखी जाती है जबकि दूसरी को भरने के बाद बीएलओ को प्रस्तुत किया जाता है । चुनाव आयोग के अनुसार मतदाता अपने फॉर्म ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं । संशोधन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित की जानी है ।

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