Jammu: Jammu and Kashmir Chief Minister Omar Abdullah during the 'Delhi Chalo- We Want Our Statehood' rally, at Maharaja Hari Singh Park in Jammu, Sunday, July 12, 2026. (PTI Photo) (PTI07_12_2026_000284B)
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जम्मू - 12 जुलाई ( पीटीआई ) जम्मू - कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अगले सप्ताह दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में उदारवादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता मीरवाइज उमर फारूक को आमंत्रित करने के नेशनल कॉन्फ्रेंस के फैसले का बचाव किया और भाजपा और मीडिया के वर्गों पर जानबूझकर विवाद पैदा करने का आरोप लगाया ।
20 जुलाई को राजधानी में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले यहां एक'दिल्ली चलो विक्की'रैली को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि निमंत्रण को लेकर विवाद को नेशनल कॉन्फ्रेंस के राजनीतिक कार्यक्रम को कमजोर करने के लिए बनाया गया था ।
अब्दुल्ला ने कहा कि हमने 50 से अधिक लोगों को आमंत्रित किया । उन सभी नामों में से उन्होंने केवल एक को चुना - कश्मीर से एक धार्मिक नेता । उनके पसंदीदा टेलीविजन चैनलों ने उस एकल निमंत्रण को एक प्राइम - टाइम विवाद में बदल दिया - यह दावा करते हुए कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने एक अलगाववादी नेता को दिल्ली में आमंत्रित किया था ।
उन्होंने भाजपा और मीडिया के कुछ वर्गों के विरोधाभासी दावों पर भी सवाल उठाया ।
वर्षों से मैंने गृह मंत्री ( अमित शाह ) को बार - बार यह कहते सुना है कि कश्मीर में कोई अलगाववादी नहीं बचा है । भाजपा नेताओं का यह भी दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अलगाववादी सोच को समाप्त कर दिया गया है । अब्दुल्ला ने कहा कि अगर वे दावे सच थे तो आमंत्रित व्यक्ति ( मीरवाइज ) को अलगाववादी के रूप में चित्रित करना विरोधाभासी था ।
अब्दुल्ला ने कहा कि अगर अलगाववादी विचारधारा को वास्तव में समाप्त कर दिया गया है तो जिस व्यक्ति को हमने आमंत्रित किया है वह संभवतः अलगाववादी नहीं हो सकता है । और अगर वह अलगाववादी है तो आप प्रभावी रूप से कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने देश को गुमराह किया है । दोनों एक ही समय में सच नहीं हो सकते हैं । अब्दुल्ला ने कहा, जो नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष भी हैं ।
उन्होंने कहा कि पूरा विवाद केवल जम्मू - कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की नेशनल कॉन्फ्रेंस की मांग से जनता का ध्यान हटाने के लिए बनाया गया था ।
उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू में रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया कि जनता के विमर्श को भटकाने के प्रयासों के बावजूद जम्मू - कश्मीर के लोग राज्य का दर्जा देने की मांग के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध रहे ।
उन्होंने कहा कि केंद्र को आज की सभा से समझना चाहिए कि जम्मू - कश्मीर के लोग राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर चुप नहीं हैं ।
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