नई दिल्ली 10 जुलाई ( पीटीआई ) राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने तीन क्रिकेट स्टेडियमों को इसकी अनुमति के बिना किसी भी खेल गतिविधि को अंजाम देने से रोकते हुए कहा है कि वे केंद्रीय भूजल प्राधिकरण और न्यायाधिकरण से भूजल के उपयोग के संबंध में नोटिस के बावजूद जवाब देने में विफल रहे ।
हरित निकाय ने सीवेज उपचार संयंत्र ( एस. टी. पी. ) के बजाय क्रिकेट मैदानों को बनाए रखने के लिए भूजल या ताजे पानी के उपयोग के संबंध में और भूजल भंडारण के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित नहीं करने के खिलाफ अंतरिम आदेश पारित किया ।
इससे पहले अप्रैल में न्यायाधिकरण ने नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम सहित देश भर के छह क्रिकेट स्टेडियमों को नोटिस जारी कर उनसे यह बताने के लिए कहा था कि केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ( सी. जी. डब्ल्यू. ए. ) को पिच और मैदानों के रखरखाव के लिए उपयोग किए जाने वाले पानी के स्रोत का खुलासा करने में विफल रहने पर उनकी गतिविधियों को क्यों नहीं रोका जाना चाहिए ।
अन्य स्टेडियमों में शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम ( रायपुर ) सवाई मानसिंह स्टेडियम ( जयपुर ) डॉ. डी. वाई. पाटिल स्टेडियम ( मुंबई ) भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम ( लखनऊ ) और बाराबती स्टेडियम ( कटक ) शामिल थे ।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने शुक्रवार को जारी एक अंतरिम आदेश में कहा कि बाराबती स्टेडियम ने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा है - लखनऊ स्टेडियम पहले ही जवाब दाखिल कर चुका है और अरुण जेटली स्टेडियम ने भी जवाब दाखिल किया है, जिसके बाद सी. जी. डब्ल्यू. ए. ने कुछ अतिरिक्त जानकारी मांगी है ।
आवेदक की ओर से पेश अधिवक्ता अदनान सत्यम शेखर और अभिक चंद्र ने कहा कि शेष तीन स्टेडियम बार - बार नोटिस का जवाब नहीं दे रहे हैं और शुल्क लगाने के बावजूद उन्होंने जवाब देने की परवाह नहीं की है ।
सी. जी. डब्ल्यू. ए. के वकील ने कहा कि इन तीन स्टेडियमों को बार - बार सेवा प्रदान की गई है, फिर भी उन्होंने कोई जवाब दाखिल नहीं किया है ।
देश के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की कमी के गंभीर मुद्दे को ध्यान में रखते हुए हम उम्मीद कर रहे थे कि ये स्टेडियम न्यायाधिकरण के नोटिस का विधिवत जवाब देंगे और उचित सुधारात्मक उपाय करेंगे, लेकिन न केवल न्यायाधिकरण से बल्कि सी. जी. डब्ल्यू. ए. से भी बार - बार नोटिस के बावजूद इन तीनों स्टेडियमों ने कोई जवाब दाखिल करने की परवाह नहीं की है ।
इसलिए ऐसी परिस्थितियों में हम अंतरिम निर्देश के माध्यम से निम्नलिखित तीन स्टेडियमों - शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम, रायपुर, सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर और डी. वाई. पाटिल स्टेडियम, मुंबई को सुनवाई की अगली तारीख तक न्यायाधिकरण की अनुमति के बिना स्टेडियम में आगे कोई भी खेल गतिविधि करने से रोकते हैं ।
मामले को आगे की कार्यवाही के लिए 17 अगस्त को भेज दिया गया है ।
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