नई दिल्ली 9 जुलाई ( पीटीआई ) राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने एक अंतरिम आदेश पारित कर जिला मजिस्ट्रेट को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के 200 एकड़ वन क्षेत्र में साई उपवन में कोई अवैध निर्माण न हो ।
हरित निकाय शहर के जंगल में कई पर्यावरणीय मुद्दों के कारण क्षेत्र की बिगड़ती स्थिति के बारे में मामले की सुनवाई कर रहा है, जिसे शहर के फेफड़ों के रूप में जाना जाता है ।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने 2 जुलाई को एक आदेश में आवेदक के वकील आकाश वशिष्ठ की दलीलों पर ध्यान दिया कि 2021 - 31 के मास्टर प्लान के तहत क्षेत्र को शहरी वन के रूप में नामित किए जाने के बावजूद गाजियाबाद नगर निगम इसके अंदर अवैध निर्माण कर रहा है ।
न्यायाधिकरण ने नोट किया कि चूंकि निगम उसके समक्ष उपस्थित नहीं था, इसलिए आवेदक का दावा अनियंत्रित है ।
इसने कहा, " ऐसी परिस्थितियों में अंतरिम राहत के रूप में हम प्रतिवादी 5 जिला मजिस्ट्रेट गाजियाबाद को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देते हैं कि सुनवाई की अगली तारीख ( 16 सितंबर ) तक साई उपवान में कोई अवैध निर्माण न हो ।
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