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नागालैंड के राज्यपाल ने'विकास भारत'2047 को प्राप्त करने के लिए भविष्य के लिए तैयार शिक्षा का आह्वान किया

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नागालैंड के राज्यपाल ने'विकास भारत'2047 को प्राप्त करने के लिए भविष्य के लिए तैयार शिक्षा का आह्वान किया

Nand Kishore Yadav

Editorial

दीमापुर 22 जून ( पीटीआई ) नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने सोमवार को जोर देकर कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए युवाओं को ज्ञान कौशल मूल्यों और रचनात्मकता के साथ तैयार करना चाहिए । दीमापुर में ब्यातिक्रम शिक्षा सम्मेलन 9 को संबोधित करते हुए, जिसमें शिक्षाविदों के शिक्षाविदों, प्राचार्यों, शिक्षकों और छात्रों ने भाग लिया, राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र को जीवन भर सीखने वाले नवप्रवर्तक और तेजी से तकनीकी परिवर्तनों के अनुकूल होने में सक्षम जिम्मेदार नागरिकों को तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए । राष्ट्रीय शिक्षा नीति ( एन. ई. पी. 2020 ) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यादव ने कहा कि यह नीति बहु - विषयक शिक्षा, महत्वपूर्ण सोच, नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से शैक्षिक प्रगति के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रदान करती है । उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ समाजों और अर्थव्यवस्थाओं को नया रूप देने के लिए छात्रों को लगातार सीखने और नवाचार करने की क्षमता से लैस होना चाहिए । राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि शिक्षा को छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करने से परे जाना चाहिए और इसके बजाय उन्हें अवसरों के निर्माता - उद्यमी और राष्ट्र के विकास में योगदान करने वाले बनने के लिए सशक्त बनाना चाहिए । उन्होंने पूर्वोत्तर के रणनीतिक महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता - समृद्ध विरासत - स्वदेशी ज्ञान प्रणाली और युवा प्रतिभा भविष्य के विकास के लिए एक मजबूत नींव प्रदान करती है । उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा - अनुसंधान और नवाचार के साथ इन ताकतों को एकीकृत करके पूर्वोत्तर में ज्ञान - उद्यमिता और आर्थिक विकास के एक जीवंत केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता है । यादव ने शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों और छात्रों से क्षेत्र की अनूठी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करते हुए नवाचार को अपनाने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली एक समावेशी प्रगतिशील और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की कुंजी होगी । ब्यातिक्रम शिक्षा सम्मेलन 9 ने शिक्षा क्षेत्र के हितधारकों को शिक्षा में उभरती रुझानों - चुनौतियों और अवसरों और आने वाली पीढ़ियों को आकार देने में संस्थानों की भूमिका पर विचार - विमर्श करने के लिए एक साथ लाया ।

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