शिलांग 2 जुलाई ( पी. टी. आई. ) नैनो बायोटेक्नोलॉजी में उनके अग्रणी शोध की मान्यता में टिकाऊ जैव - कार्यात्मक नैनोमटेरियल्स और हरित जैविक संश्लेषण विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेघालय ( यू. एस. टी. एम. डब्ल्यू. ) के दो संकाय सदस्यों को 2025 साइरैंक ग्लोबल रजिस्ट्री में दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों में स्थान दिया गया है ।
यह मान्यता अनुप्रयुक्त जीव विज्ञान विभाग के युगल किशोर मोहंता और रसायन विज्ञान विभाग के मोहित एल देब को प्रदान की गई है ।
साइरैंक एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त मंच है जो शोध उत्पादकता, उद्धरण प्रभाव, शैक्षणिक प्रभाव और विभिन्न विषयों में ज्ञान सृजन में योगदान जैसे ग्रंथसूची संकेतकों का उपयोग करके शोधकर्ताओं का मूल्यांकन करता है ।
इसमें कहा गया है कि दुनिया के शीर्ष पांच प्रतिशत शोधकर्ताओं में शामिल होना वैज्ञानिक उत्कृष्टता का एक महत्वपूर्ण मानदंड माना जाता है ।
यू. एस. टी. एम. के कुलाधिपति महबुबुल हक ने कहा कि यह उपलब्धि एक मजबूत अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने और नवाचार - संचालित शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है ।
" यह उपलब्धि न केवल यू. एस. टी. एम. के लिए बल्कि पूरे पूर्वोत्तर के लिए भी बहुत गर्व की बात है । हमारे संकाय सदस्यों द्वारा अर्जित वैश्विक मान्यता से पता चलता है कि इस क्षेत्र से उभरते हुए गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अनुसंधानकर्ताओं के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं ।
कुलपति प्रोफेसर जी. डी. शर्मा ने कहा कि यह मान्यता दोनों वैज्ञानिकों द्वारा प्रदर्शित समर्पण दृढ़ता और उत्कृष्टता की खोज का प्रमाण है ।
पी. टी. आई. जे. ओ. पी. ए. सी. डी. शर्मा ने कहा, " युगल किशोर मोहंता और मोहित एल. देब को 2025 की विज्ञान श्रेणी वैश्विक रजिस्ट्री में दुनिया के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल करना यू. एस. टी. एम. द्वारा अनुसंधान नवाचार और अंतःविषय सहयोग पर निरंतर जोर देने को दर्शाता है ।
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