राज्य के जल संसाधन विभाग ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र के जलाशय वर्तमान में अपनी भंडारण क्षमता के 44 प्रतिशत तक भरे हुए हैं, जो पिछले साल के स्तर से कम है ।
विभाग ने राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष अपनी प्रस्तुति में कहा कि 13 जुलाई तक महाराष्ट्र के 3,029 बांधों में 632.89 टी. एम. सी. ( हजारों मिलियन क्यूबिक फीट ) पानी था ।
इसमें कहा गया है कि पिछले साल की इसी तारीख को दर्ज किए गए 843.57 टी. एम. सी. ( 59 प्रतिशत ) की तुलना में भंडारण काफी कम है, हालांकि दक्षिण - पश्चिम मानसून की प्रगति के बाद 20 जून से जलाशयों में 295.51 टी. एम्. सी. की वृद्धि हुई है ।
छह राजस्व प्रभागों में नासिक ने सबसे अधिक 86 प्रतिशत जलाशय भंडारण दर्ज किया, इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर ( 66 प्रतिशत ), कोंकण ( 62 प्रतिशत ), पुणे ( 51 प्रतिशत ), अमरावती ( 42 प्रतिशत ) और नागपुर ( 40 प्रतिशत ) का स्थान है ।
जल संसाधन विभाग ने कहा कि राज्य भर में बड़े बांध अपनी कुल भंडारण क्षमता का 48 प्रतिशत थे - मध्यम बांध 42 प्रतिशत और छोटे जलाशय 29 प्रतिशत थे ।
राज्य के प्रमुख जलाशयों में कोयना 49 प्रतिशत, जयकवाड़ी 32 प्रतिशत, उजानी 50 प्रतिशत, गोसीखुर्द 36 प्रतिशत और खडकवासला बांध समूह 41 प्रतिशत है ।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुंबई और पड़ोसी ठाणे को पीने के पानी की आपूर्ति करने वाले छह जलाशयों में सामूहिक रूप से 42.63 टी. एम. सी. या उनकी कुल भंडारण क्षमता का 57 प्रतिशत था, जबकि पिछले साल इसी तारीख को यह 79 प्रतिशत था ।
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