तिरुवनंतपुरम 8 जुलाई ( पीटीआई ) केरल सरकार ने एससी / एसटी और महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व को अनिवार्य बनाते हुए सभी राज्य द्वारा संचालित अस्पतालों में अस्पताल विकास समितियों और अस्पताल विकास संघों का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया है ।
मंत्री ने यहां एक बयान में कहा कि अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति और महिला सदस्य परिवार स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक के अस्पतालों में समितियों में सरकारी प्रतिनिधियों के रूप में काम करेंगी ।
मुरलीधरण ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को निर्णय को लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है ।
मुरलीधरन ने कहा कि यह इतिहास में अपनी तरह का पहला निर्णय है ।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का कदम अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति समुदायों और महिलाओं को शामिल करना सुनिश्चित करने की सरकार की नीति का हिस्सा है ।
नई संरचना के तहत जिला कलेक्टर समितियों का नेतृत्व करेंगे जबकि अस्पताल अधीक्षक सचिव के रूप में कार्य करेंगे ।
अन्य सदस्यों में स्वास्थ्य विभाग का एक प्रतिनिधि, मंत्री का जिला प्रतिनिधि, स्थानीय सांसद का प्रतिनिधि, स्थानीय विधायक और संबंधित स्थानीय स्वशासन संस्थान का अध्यक्ष शामिल होगा ।
मंत्री ने कहा कि सरकार की पहल का उद्देश्य अस्पताल के विकास में सुधार करना और रोगियों के लिए बेहतर उपचार सुनिश्चित करना है ।
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