हिसार 12 जुलाई ( पीटीआई ) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य को ज्ञान अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में स्थापित करना है ।
इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए राज्य के शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को'री - डिजाइन री - इमेजिन एंड री - इन्वेस्ट'के सिद्धांतों पर फिर से आकार दिया जा रहा है । इस दृष्टि के तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति ( एन. ई. पी. ) के अनुरूप व्यापक सुधारों को राज्य के विश्वविद्यालयों और उनके संबद्ध कॉलेजों में लागू किया गया है ।
मुख्यमंत्री गुरु जम्बेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ( जीजेयूएसटीएच ) हिसार में एक समारोह को संबोधित कर रहे थे ।
उन्होंने 7.58 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखी । इनमें 6 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बालिका छात्रावास की आधारशिला और 1.40 करोड़ रुपये की कीमत से बनने वाले नर्सिंग विभाग के भवन का उद्घाटन शामिल था ।
सैनी ने कहा कि गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय ने एन. ई. पी. के प्रभावी कार्यान्वयन में एक अनुकरणीय मानदंड स्थापित किया है ।
उन्होंने कहा कि युवाओं को इस विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों से बहुत उम्मीदें हैं । इन संस्थानों को स्थानीय उद्योगों और वैश्विक प्रौद्योगिकियों के बीच एक सेतु के रूप में काम करने वाले अनुसंधान और नवाचार के केंद्रों के रूप में उभरना चाहिए । तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित विकास भारत - 47 के दृष्टिकोण को साकार किया जा सकता है ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं के अनुसार राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं है, बल्कि एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जो नैतिक रूप से संवेदनशील और जागरूक हो ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव पूंजी विकास के लिए कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है ।
तदनुसार हरियाणा अपने युवाओं को भविष्य के उभरते क्षेत्रों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित प्रौद्योगिकियों, अर्धचालक पारिस्थितिकी तंत्र, साइबर सुरक्षा, डेटा विश्लेषण और रोबोटिक्स के लिए तैयार कर रहा है ।
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