नई दिल्ली 15 जुलाई ( पी. टी. आई. ) दिल्ली के 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 99 प्रतिशत से अधिक को आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पूर्ण किए गए प्रपत्रों के डिजिटलीकरण के साथ मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन ( एस. आई. आर. ) के हिस्से के रूप में गणना प्रपत्र प्राप्त हुए हैं ।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ( सी. ई. ओ. ) द्वारा जारी संचयी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार बुधवार तक राजधानी के 99.23 प्रतिशत मतदाताओं को शामिल करते हुए लगभग 1.44 करोड़ गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं ।
डिजिटाइज्ड प्रपत्रों की संख्या 21.75 लाख है जो कुल मतदाताओं का 14.99 प्रतिशत है । वितरण लगभग पूरा होने के साथ अब प्रक्रिया में भरे हुए गणना प्रपत्रों के संग्रह और डिजिटलीकरण पर तेजी से ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है ।
चुनाव आयोग ने बुधवार को दिल्ली के लिए एस. आई. आर. कार्यक्रम में संशोधन किया । पहले 29 जुलाई को समाप्त होने वाले बूथ स्तर के अधिकारियों ( बी. एल. ओ. एस. ) के घर - घर दौरे अब 8 अगस्त तक जारी रहेंगे । मतदाता सूची का मसौदा 17 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा ।
संशोधित अनुसूची के अनुसार अब 17 अगस्त से 16 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दायर की जा सकती हैं । इनका निपटारा 15 अक्टूबर तक किया जाएगा जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी ।
आंकड़ों के अनुसार पूर्वोत्तर में सबसे अधिक रूप वितरण ( 18.7 लाख ) दर्ज किया गया, इसके बाद पूर्व में ( 15.97 लाख ) दक्षिण पूर्व ( 15.45 लाख ) पश्चिम ( 14.44 लाख ) और दक्षिण में ( 13.43 लाख ) ।
पुरानी दिल्ली नई दिल्ली और पूर्वोत्तर ने 100 प्रतिशत वितरण हासिल किया है, इसके बाद पूर्व ( 99.66 प्रतिशत ) मध्य उत्तर ( 99.64 प्रतिशत ) और दक्षिण पश्चिम ( 99.77 प्रतिशत ) का स्थान है ।
उत्तर पश्चिम में सबसे कम 96 प्रतिशत वितरण प्रतिशत दर्ज किया गया, इसके बाद बाहरी उत्तर ( 98.43 प्रतिशत पश्चिम ) ( 99.20 प्रतिशत उत्तर ) और दक्षिण पूर्व ( 99.24 प्रतिशत ) का स्थान रहा ।
डिजिटलीकरण के मामले में दक्षिण पश्चिम 2.89 लाख प्रपत्र अपलोड करने के साथ सबसे आगे है, इसके बाद पश्चिम ( 2.61 लाख ), बाहरी उत्तर ( 2.46 लाख ), उत्तर पश्चिम ( 2.21 लाख ) और पूर्वोत्तर ( 2.19 लाख ) का स्थान है ।
बाहरी उत्तर में 29.57 प्रतिशत की उच्चतम डिजिटलीकरण दर दर्ज की गई, इसके बाद दक्षिण पश्चिम में 21.80 प्रतिशत पश्चिम में 17.99 प्रतिशत मध्य उत्तर में 18.72 प्रतिशत और उत्तर में 17.82 प्रतिशत दर्ज की गई ।
पुरानी दिल्ली में सबसे कम 9.09 प्रतिशत डिजिटलीकरण दर दर्ज की गई, इसके बाद पूर्व ( 9,21 प्रतिशत ) दक्षिण पूर्व ( 9.47 प्रतिशत ) मध्य ( 11.19 प्रतिशत ) और पूर्वोत्तर ( 11.71 प्रतिशत ) का स्थान रहा ।
एस. आई. आर. कवायद के हिस्से के रूप में बी. एल. ओ. प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां वितरित कर रहे हैं । एक प्रति मतदाता द्वारा पावती के रूप में रखी जाती है जबकि दूसरी को भरने के बाद बी. एल्. ओ. को जमा किया जाता है । मतदाता अपने प्रपत्र ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं ।
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