नई दिल्ली 8 जुलाई ( पी. टी. आई. ) हाल की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में गरीबी में रहने वाले लोगों का अनुपात 4.4 प्रतिशत से घटकर 3.21 प्रतिशत रह गया, जबकि हाल के वर्षों में बेरोजगारी दर 9.7 प्रतिशत से घटकर 2.1 प्रतिशत रह गई ।
अर्थशास्त्र और सांख्यिकी निदेशालय द्वारा हाल ही में जारी दिल्ली राज्य संकेतक ढांचा ( एस. आई. एफ. 2025 ) रिपोर्ट राज्य स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों ( एस. डी. जी. ) की प्रगति पर नज़र रखती है ।
यह रिपोर्ट निर्णय लेने की सुविधा प्रदान करती है और 16 एस. डी. जी. पर दिल्ली की प्रगति को शामिल करने वाली सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन का समर्थन करती है । इसमें कहा गया है कि गरीबी में रहने वाले पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित लोगों का अनुपात 2015 - 16 में 4.4 प्रतिशत से घटकर 2017 - 18 में 2.1 प्रतिशत हो गया ।
नो पोवर्टी एस. डी. जी. का उद्देश्य गरीबी के सभी रूपों को समाप्त करना है ।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिल्ली में महिला संकट योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या 2015 - 16 में 168,977 से बढ़कर 2017 - 18 में 197,863 हो गई, 2019 - 20 में 238,706, 2021 - 22 में 312,272 और 2024 - 25 में 397,465 हो गई ।
संयुक्त राष्ट्र ( यू. एन. ) " हमारी दुनिया में बदलावः सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा " पर आधारित रिपोर्ट पिछले एक दशक में दिल्ली के लिंग अनुपात में सुधार पर प्रकाश डालती है ।
जन्म के समय लिंगानुपात ( प्रति 1,000 पुरुष जीवित जन्मों पर महिला जीवित जन्मों की संख्या ) 2015 में 898 से बढ़कर 2017 में 913 हो गया 2019 में 920,2022 में 929 और 2024 में 920 हो गया ।
इसके अतिरिक्त महिला श्रम बल भागीदारी दर 2017 - 18 में 11.2 प्रतिशत से बढ़कर 2018 - 19 में 13.7 प्रतिशत और 2023 - 24 में 14.5 प्रतिशत हो गई ।
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की बेरोजगारी दर 2017 - 18 में 9.7 प्रतिशत थी, जो 2019 - 20 में धीरे - धीरे घटकर 8.7 प्रतिशत, 2021 - 22 में 5.3 प्रतिशत और अंत में 2023 - 24 में 2.1 प्रतिशत रह गई ।
15 से 59 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के लिए श्रम बल भागीदारी दर 2017 - 18 में 49.9 प्रतिशत थी और 2023 - 24 में बढ़कर 51.5 प्रतिशत हो गई ।
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