देहरादूनः देहरादून की एक अदालत ने मंगलवार को सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत के संबंध में दो अभियुक्तों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया, जो कुछ महीने पहले राजपुर क्षेत्र में गोलीबारी के दौरान मारे गए थे ।
देहरादून जिला और सत्र अदालत ने मसूरी रोड पर जौहरी गांव में 30 मार्च की सुबह हुई घटना में आदित्य चौधरी और समीर चौधरी की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया ।
तुला अपार्टमेंट के निवासी जोशी ( 74 ) सुबह की सैर पर निकले हुए थे जब एक कार का पीछा करने के दौरान दो समूहों के बीच गोलीबारी में एक आवारा गोली से उनकी मौत हो गई ।
जांच अधिकारी सब - इंस्पेक्टर प्रवेश रावत के अनुसार, आदित्य और समीर सहित नौ लोगों को आरोपी के रूप में नामित करने की घटना के संबंध में जून में अदालत में एक आरोप पत्र दायर किया गया था ।
अन्य अभियुक्तों में मोहम्मद अखलाक रोहित कुमार सिंह मोहित अरोड़ा आदेश गिरि शांतनु त्यागी कविश हुसैन त्यागी और वैभव कुमार शामिल हैं ।
आरोप पत्र में 32 लोगों को गवाह बनाया गया था ।
दोनों समूहों के बीच विवाद 29 मार्च की देर रात'जेन - जेड'नाइट क्लब में शुरू हुआ, जहां आदित्य चौधरी और उनके सहयोगियों की क्लब के कर्मचारियों के साथ बहस हुई थी ।
इसके बाद क्लब के कर्मचारी रोहित कुमार अखलाक और अन्य लोगों ने चौधरी की नई स्कॉर्पियो कार की खिड़कियां तोड़ दीं, जिसमें पंजीकरण प्लेट नहीं थी ।
क्लब छोड़ने के बाद आदित्य और उनके सहयोगियों ने बदला लेने के लिए थोड़ी दूरी तक इंतजार किया ।
जैसे ही क्लब के कर्मचारी सुबह अपनी फॉर्च्यूनर कार में सड़क पर चले गए आदित्य और उनके सहयोगियों ने अपने स्कॉर्पियो में उनका पीछा किया ।
फॉर्च्यूनर को रोकने के प्रयास में आदित्य के सहयोगी शांतनु ने उस पर गोलियां चलाईं जिससे गोलीबारी शुरू हो गई ।
पुलिस ने कहा कि क्रॉसफायर में पकड़े गए जोशी की परिणामस्वरूप मृत्यु हो गई ।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता ( बी. एन. एस. ) के तहत हत्या के आरोप भी जोड़े हैं ।
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