**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this screengrab from a video posted on June 9, 2026, Ministry of External Affairs (MEA) official spokesperson Randhir Jaiswal speaks during the weekly media briefing. (MEA/YT via PTI Photo)(PTI06_09_2026_000293B)
MEA) official spokesperson Randhir Jaiswal speaks during the weekly media briefing. (MEA via PTI Photo
नई दिल्ली 17 जुलाई ( पीटीआई ) भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत - चीन और रूसी कच्चे तेल की खरीद करने वाले कुछ अन्य देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की मांग करने वाले प्रस्तावित अमेरिकी कानून से संबंधित घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहा है ।
इस विधेयक की परिकल्पना डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल और दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने की थी ।
लगभग 60 अमेरिकी सीनेटर कथित तौर पर विधेयक का समर्थन कर रहे हैं ।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयस्वाल ने अपनी नियमित मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि हम इन घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे हैं और हम प्रस्तावित कानून से अवगत हैं ।
जहां तक तेल खरीदने का सवाल है, हम दुनिया के विभिन्न देशों से तेल खरीदते हैं । यह ऊर्जा स्रोत के प्रति हमारे दृष्टिकोण पर आधारित है । उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा ।
यह विधेयक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को रूस के राजनीतिक नेतृत्व - वित्तीय संस्थानों और ऊर्जा क्षेत्र पर अनिवार्य प्रतिबंध लगाकर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के वित्तपोषण के लिए उपयोग किए जाने वाले राजस्व से वंचित करने के लिए बनाया गया है ।
ब्लूमेंथल ने मंगलवार को कहा कि प्रस्तावित कानून का उद्देश्य रूसी तेल के पांच प्रमुख खरीदारों - चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाना था ।
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