नई दिल्ली - सीबीआई ने शुक्रवार को रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड मामले में अपना दूसरा आरोप पत्र दायर किया, जिसमें बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कथित रूप से 19,000 करोड़ रुपये से अधिक का सार्वजनिक धन का नुकसान हुआ ।
सी. बी. आई. के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि मुंबई की एक विशेष अदालत के समक्ष दायर आरोप पत्र में सी. बि. आई. ने नेटिजन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड ( पूर्ववर्ती रिलायंस इन्फोकॉम इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड ) और इसके दो निदेशकों अनिल काल्या और तनु साहू को आपराधिक साजिश, आपराधिक गबन और धोखाधड़ी के अपराधों के लिए आरोपी बनाया है ।
बयान में कहा गया है कि दूसरा आरोप पत्र सी. बी. आई. द्वारा की गई जांच पर आधारित है, जिसमें पता चला है कि नेटिजन इंजीनियरिंग का उपयोग रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड ( आर. सी. कॉम. ) द्वारा धन के जानबूझकर मोड़ने के लिए एक पास - थ्रू इकाई के रूप में किया गया था, जिससे ऋण देने वाले बैंकों को गलत नुकसान हुआ और आरोपी व्यक्तियों और संबंधित संस्थाओं को गलत लाभ हुआ ।
एजेंसी ने भारतीय स्टेट बैंक ( एस. बी. आई. ) की शिकायत पर मामला दर्ज किया था ।
बयान में कहा गया है कि एफ. आई. आर. के अनुसार मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों का कुल 19,694.33 करोड़ रुपये का खुलासा हुआ है ।
सी. बी. आई. ने 29 मई को कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारियों और 10 बैंक अधिकारियों सहित 16 अभियुक्त व्यक्तियों के खिलाफ पहला आरोप पत्र दायर किया था ।
बयान में कहा गया है कि अन्य आरोपी व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाने और मामले के अन्य पहलुओं की जांच के लिए आगे की जांच को खुला रखा गया है ।
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