डिंडीगुल ( तमिलनाडु ) 18 जुलाई ( पी. टी. आई. ) अपराध शाखा सी. आई. डी. की टीमों ने शनिवार को डिंडीगल जिले में कई स्थानों पर तलाशी शुरू की, जो पलानी में प्रसिद्ध श्री धंडायुधपाणि स्वामी मंदिर की मंदिर भूमि के कथित धोखाधड़ी पंजीकरण से संबंधित है ।
छापेमारी में उन अधिकारियों और व्यक्तियों को निशाना बनाया गया, जिन्होंने 2 करोड़ रुपये में 100 करोड़ रुपये की अनुमानित मंदिर संपत्ति दर्ज की थी । हाल ही में मंदिर अधिकारियों द्वारा एक सत्यापन के दौरान अनियमितताओं का पता चला ।
एक राजनीतिक आक्रोश के बाद तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक ने 15 जुलाई को जांच को सी. बी. - सी. आई. डी. को स्थानांतरित कर दिया ।
एक सूत्र ने कहा कि अनियमितताओं की जांच के लिए एक उप - पंजीयक भूमि दलाल और डिंडीगुल पलानी और ओदनचत्रम क्षेत्रों में गवाहों के रूप में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने वालों के आवासों पर तलाशी ली गई ।
राज्य के कानून मंत्री सी. टी. आर. निर्मल कुमार ने पिछले पांच वर्षों में धोखाधड़ी वाले भूमि पंजीकरण मामलों, विशेष रूप से मंदिरों की झीलों और जल निकायों से जुड़े मामलों की व्यापक जांच की आवश्यकता पर जोर दिया ।
उन्होंने कहा कि इस तरह के अवैध पंजीकरण में शामिल लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा ।
कुमार ने मदुरै में संवाददाताओं से कहा, " द्रमुक शासन के पिछले पांच वर्षों के दौरान इस तरह की कई अनियमितताएं हुईं और वे अब प्रकाश में आ रही हैं । हमने सीबी - सी. आई. डी. के लिए मामले की जांच का मार्ग प्रशस्त कर दिया है । "
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