ऊना जिला प्रशासन ने मंगलवार को मानसून के मौसम के दौरान लगातार बारिश और संभावित आपदा जोखिम को देखते हुए एहतियाती उपाय के रूप में 30 सितंबर तक निजी विकास और निर्माण गतिविधियों के लिए किसी भी पहाड़ी कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया ।
आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट और ऊना जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष जतिन लाल ने इस संबंध में आदेश जारी किया था ।
यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि 30 जून से जिले में मानसून सक्रिय है और लगातार भारी बारिश से विभिन्न क्षेत्रों में नुकसान हुआ है । जिला प्रशासन राहत बहाली और आवश्यक सेवाओं की बहाली में लगा हुआ है ।
आदेश के अनुसार मानसून के मौसम में अनियंत्रित पहाड़ी कटाई और अनियोजित निर्माण गतिविधियाँ जमीन की संरचना को कमजोर कर सकती हैं । इससे भूस्खलन से इमारतों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान होने और जान - माल के नुकसान का खतरा बढ़ जाता है ।
आदेश में कहा गया है कि जिले के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र और बुनियादी ढांचे की रक्षा करने और संभावित आपदाओं को रोकने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है । निजी विकास और निर्माण गतिविधियों के लिए किसी भी प्रकार की पहाड़ी काटने पर 30 सितंबर तक प्रतिबंध लगा दिया जाएगा, सिवाय आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के ।
जिला मजिस्ट्रेट ने सभी अनुमंडल अधिकारियों ( नागरिक और कार्यकारी मजिस्ट्रेटों ) को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ।
उन्होंने कहा कि उल्लंघन करने वालों को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 60 के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा ।
Get Swadesi News in your inbox
Top stories, mandi prices, weather alerts — once a day, in your language. Free, no spam.