ईटानगर 14 जुलाई ( पीटीआई ) अरुणाचल प्रदेश सरकार ने मंगलवार को नॉर्वे की फर्म टाइडल सेल एएस के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए ताकि नदी की धाराओं से सीधे स्वच्छ बिजली उत्पन्न करने की परियोजना को लागू किया जा सके ।
500 किलोवाट की नदी गतिज ऊर्जा प्रदर्शन परियोजना को राज्य के पृथ्वी विज्ञान और हिमालयी अध्ययन केंद्र ( सी. ई. एस. एच. एस. ) के माध्यम से निष्पादित किया जाएगा और इसे भारत - नॉर्वे हरित साझेदारी के तहत केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ( एम. एन. आर. ई. ) और नवाचार नॉर्वे द्वारा समर्थित किया जाएगा ।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भारी नागरिक बुनियादी ढांचे की आवश्यकता के बिना नदी की धाराओं से सीधे स्वच्छ बिजली उत्पन्न करने के लिए नॉर्वे की तकनीक का उपयोग करते हुए भारत का पहला नदी गतिज ऊर्जा प्रदर्शन संयंत्र स्थापित करना है ।
इस अवसर पर उपस्थित भारत में नॉर्वे के राजदूत मे - एलिन स्टेनर ने इस बात पर जोर दिया कि अरुणाचल प्रदेश की अनूठी नदी प्रणालियां इसे अग्रणी नदी गतिज प्रौद्योगिकियों के लिए एक आदर्श परीक्षण स्थल बनाती हैं ।
स्टेनर ने भू - तापीय ऊर्जा, भू - तकनीकी इंजीनियरिंग और सतत बुनियादी ढांचे के विकास सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नॉर्वे और सीमावर्ती राज्य के बीच बढ़ते सहयोग का भी उल्लेख किया ।
सी. ई. एस. एच. एस. के निदेशक ताना तागे ने कहा कि यह परियोजना राज्य के अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो में विविधता लाने और दूरदराज के दुर्गम क्षेत्रों में ऑफ - ग्रिड विकेंद्रीकृत बिजली समाधान प्रदान करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है ।
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