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कमजोर मानसून की वजह से फसल के लिए बोया गया क्षेत्र 16 प्रतिशत कम रहा धान - दालों का रकबा गिराः एग्री मिन

PTI Photo / Shiva Sharma2 min read
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कमजोर मानसून की वजह से फसल के लिए बोया गया क्षेत्र 16 प्रतिशत कम रहा धान - दालों का रकबा गिराः एग्री मिन

Amritsar: A farmer crosses a waterlogged paddy field on a cloudy day, in Amritsar, Monday, July 13, 2026. (PTI Photo/Shiva Sharma)(PTI07_13_2026_000108B)

PTI Photo / Shiva Sharma

नई दिल्ली 13 जुलाई ( पीटीआई ) कृषि मंत्रालय के अनुसार कमजोर मानसून के कारण चालू मौसम में धान जैसी खरिफ फसलों के लिए बोया गया क्षेत्र 16 प्रतिशत कम होकर 531.25 लाख हेक्टेयर रह गया है । आम तौर पर जून में दक्षिण - पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ खरिफ़ ( ग्रीष्मकालीन फसलों ) की बुवाई शुरू हो जाती है. हालाँकि अल नीनो प्रभाव से जुड़े कमजोर मानसून के कारण इस साल रोपण में देरी हुई है । मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 10 जुलाई तक कुल मिलाकर 531.25 लाख हेक्टेयर में फसल बोई जा चुकी है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 632.69 लाख हेक्टेयर थी । धान का रकबा एक साल पहले के 125.53 लाख हेक्टेयर की तुलना में 8.63 प्रतिशत कम 114.69 लाख हेक्टेयर था । दालों का रकबा 23.31 प्रतिशत गिरकर 56.63 लाख हेक्टेयर रह गया, जो 73.65 लाख हेक्टेयर था । दलहनों में अरहर का रकबा 19 लाख 54 हजार हेक्टेयर था, जबकि एक साल पहले यह 28 लाख 03 हजार हेक्टेयर था । उड़द का रकबा 9 लाख 34 हजार हेक्टेयर ( 13 लाख 29 हजार हेक्टेयर ) और मूंग का रकबा 21 लाख 52 हजार हेक्टेयर ( 24 लाख 08 हजार हेक्टेयर ) था । मोटे अनाज के तहत कवरेज 127.3 लाख हेक्टेयर से 22.47 प्रतिशत घटकर 98.69 लाख हेक्टेयर रह गया । तिलहन का रकबा 21 प्रतिशत घटकर 117.83 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि तिलहनों का रकबा 14.98 लाख हेक्टेयर था । तिलहनों के भीतर सोयाबीन का रकबा 107.72 लाख हेक्टेयर से 16 प्रतिशत गिरकर 90.51 लाख हेक्टेयर हो गया । गन्ने का रकबा 56.72 लाख हेक्टेयर की तुलना में 57.58 लाख हेक्टेयर था, जबकि जूट / मेस्ता का रकबा 6.16 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.28 लाख हेक्टेयर हो गया । नकदी फसलों में कपास की बुवाई 15.33 प्रतिशत घटकर 79.54 लाख हेक्टेयर रह गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 93.95 लाख हेक्टेयर थी ।

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