प्रयागराजः इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार को आदेश दिया कि उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान चुनाव कराने के निर्देश की मांग करने वाली याचिका को छह सप्ताह के बाद सूचीबद्ध किया जाए ।
न्यायमूर्ति एस. एस. सुमशेरी ने अरबिंद राठौर द्वारा दायर याचिका पर फैसला सुनाया, जिसमें राज्य सरकार द्वारा 25 और 26 मई को जारी आदेशों को चुनौती दी गई थी, जिसके द्वारा उसने चुनाव होने तक ग्राम प्रधानों को प्रशासक का दर्जा दिया था ।
याचिकाकर्ता ने राज्य चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 243ई और 243के के अनुपालन में पूरे तीन स्तरीय पंचायत चुनाव को पूरा करने के लिए एक विस्तृत और समयबद्ध कार्यक्रम दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की ।
जब सोमवार को मामले पर सुनवाई की गई तो अदालत को सूचित किया गया कि वही मुद्दा दो न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष लंबित है. अदालत ने फिर सुनवाई को छह सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया ।
25 जून को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा था कि ग्राम प्रधानों को प्रशासकों के रूप में बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है ।
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