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महाराष्ट्र में अब तक की सामान्य औसत वर्षा का 96 प्रतिशत लेकिन वर्षा वितरण असमान बना हुआ है ।

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महाराष्ट्र में अब तक की सामान्य औसत वर्षा का 96 प्रतिशत लेकिन वर्षा वितरण असमान बना हुआ है ।

Mumbai: Women walk on a waterlogged road following heavy rainfall, in Mumbai, Maharashtra, Saturday, July 4, 2026. (PTI Photo)(PTI07_04_2026_000425B)

Editorial

मुंबई 14 जुलाई ( पीटीआई ) महाराष्ट्र में 1 जून से 13 जुलाई के बीच 334.5 मिमी या सामान्य औसत 346.4 मिमी का 96.28 प्रतिशत वर्षा हुई है, लेकिन राज्य भर में वर्षा का समग्र वितरण असमान रहा । मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष की गई एक प्रस्तुति के अनुसार, राज्य के सामान्य बुवाई क्षेत्र 144.36 लाख हेक्टेयर का 67 प्रतिशत योगदान देते हुए 96.21 लाख हेक्टेयर में खरिफ की बुवाई पूरी कर ली गई है । पिछले वर्ष की इसी अवधि में 120.65 लाख हेक्टेयर या सामान्य क्षेत्र का 84 प्रतिशत खरिफ बुवाई के दायरे में आया था । मंत्रिमंडल को बताया गया कि कुछ स्थानों पर धान प्रत्यारोपण चल रहा है । प्रस्तुति के अनुसार बुवाई का काम तेजी से चल रहा है और अब तक बोई गई फसलें काफी हद तक अंकुरण के शुरुआती चरण में हैं । इसने कहा कि राज्य भर में वर्षा का वितरण असमान बना हुआ है । नौ जिलों ठाणे - रायगढ़ - पालघर - रत्नागिरी - अहिल्यानगर - पुणे - सतारा - सांगली और जालना में सामान्य से 100 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि नंदुरबार में सामान्य से सबसे कम 29 प्रतिशत वर्षा हुई । बारह जिलों में सामान्य से 50 से 75 प्रतिशत के बीच बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य 12 जिलों में सामान्य का 75 से 100 प्रतिशत बारिश हुई । फसल - वार बुवाई के आंकड़ों से पता चलता है कि मक्के की बुवाई 8.91 लाख हेक्टेयर या उसके सामान्य क्षेत्र के 95 प्रतिशत पर की गई है, इसके बाद सोयाबीन की बुवाई 37.37 लाख हेक्टेयर ( 79 प्रतिशत ) और कपास की बुवाई 32.79 लाख हेक्टेयर ( 77 प्रतिशत ) में की गई है । दलहन की कुल बुवाई 11.46 लाख हेक्टेयर ( 56 प्रतिशत ), तिलहन की बुवाई 38.20 लाख हेक्टेयर ( 78 प्रतिशत ) और कुल खाद्यान्न की बुवाई 25.21 लाख हेक्टेयर ( सामान्य क्षेत्र का 48 प्रतिशत ) रही । धान की बुवाई 2.87 लाख हेक्टेयर या इसके सामान्य क्षेत्र का 19 प्रतिशत दर्ज की गई ।

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