नाहन ( 18 जुलाई ) हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में वन विभाग ने कथित रूप से संरक्षित मॉनिटर छिपकलियों के अवैध शिकार के आरोप में तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया है और एक जीवित और तीन मृत सहित चार सरीसृप बरामद किए हैं ।
सहायक वन संरक्षक ( ए. सी. एफ. ) पोंटा वन प्रभाग आदित्य शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि वन अधिकारियों को शिकारियों की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली और उन पर कड़ी नजर रखी गई ।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार शाम को मिली एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग की एक टीम ने पोंटा क्षेत्र में राजबन के पास एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका ।
मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों के पास भाला जैसा हथियार और एक बोरी पाई गई । बोरे की जांच करने पर वन अधिकारियों को चार मॉनिटर छिपकलियाँ मिलीं, जिनमें से एक जीवित थी जबकि शेष तीन मृत थीं ।
ए. सी. एफ. ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि चार छिपकलियों का शिकार उसी दिन किया गया था ।
उन्होंने कहा कि घायल मॉनिटर छिपकली के इलाज के लिए एक पशु चिकित्सक को बुलाया गया है जो वन और पशु चिकित्सा विभागों की देखरेख में रहेगा ।
मॉनिटर छिपकली - जिसे स्थानीय रूप से'गोह'के नाम से जाना जाता है - वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची I के तहत एक संरक्षित प्रजाति है । इन प्रजातियों का शिकार करना निषिद्ध है और अपराध में पांच से सात साल के कारावास की सजा होती है ।
वन अधिकारियों के अनुसार बंगाल मॉनिटर येलो मॉनिटर डेजर्ट मॉनिटर और भारत में पाई जाने वाली जल मॉनिटर प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित हैं ।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस प्रजाति का शिकार इसके मांस के लिए भी किया जाता है जिसमें नर छिपकली के अंडकोष भी शामिल हैं जिन्हें " हठ जोड़ी " के रूप में संदर्भित किया जाता है और कथित रूप से गुप्त प्रथाओं में उपयोग किया जाता है ।
शर्मा ने कहा कि तीनों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है और उन्हें जल्द ही आगे की कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा ।
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